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मुंज्या' फ़िल्म से जुड़ी कुछ खास बातें: 

 

'मुंज्या' फ़िल्म, कोंकण की एक दंतकथा पर आधारित है. 


इस फ़िल्म में अभय वर्मा और शरवरी वाघ ने लीड रोल प्ले किया है. 

 

इस फ़िल्म का निर्देशन आदित्य सरपोतदार ने किया है. 

 

इस फ़िल्म को मैडॉक फ़िल्म्स ने बनाया है. 

 

यह फ़िल्म 7 जून, 2024 को रिलीज़ हुई थी. 

 

इस फ़िल्म को आलोचकों से सकारात्मक समीक्षा मिली. 

 

यह फ़िल्म 2024 की छठी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली हिन्दी फ़िल्म रही. 

 

इस फ़िल्म की ओटीटी रिलीज़ डेट अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन यह डिज्नी+ हॉटस्टार पर रिलीज़ होगी. 

 

इस फ़िल्म में मोना सिंह और सत्यराज जैसे कलाकार भी हैं. 

 

'मुंज्या' से जुड़ी कुछ और खास बातें: 

 

मुंज्या शब्द का मतलब कोंकण क्षेत्र में प्रचलित एक जनऊ रस्म से भी है. 

 

इस रस्म में 5-7 साल के बच्चे का मुंडन कराया जाता है और उसे जनऊ पहनाया जाता है. 

 

मान्यता है कि अगर जनेऊ रस्म के बाद 10 दिन के अंदर बच्चे की मृत्यु हो जाती है, तो वह ब्रह्म राक्षस बन जाता है और पृथ्वी पर भटकता रहता है. 

 

महाराष्ट्र और कोंकण तट की लोककथाओं के मुताबिक, मुंज्या उन लड़कों का भूत है जो शादी से पहले मर गए थे. 

 

मान्यता है कि मुंज्या पीपल के पेड़ पर रहता है. 


        मुंज्या एक अच्छी फिल्म है?


हॉरर कॉमेडी एक कठिन शैली है, लेकिन अगर सही तरीके से किया जाए, तो यह देखने में सबसे मनोरंजक में से एक हो सकती है , और यह फिल्म इस शैली को सही ठहराने की पूरी कोशिश करती है। कहानी एक शर्मीले लड़के की है, जिसका परिवार मुंज्या नामक आत्मा से जुड़ा एक काला रहस्य रखता है, जो तब पता चलता है जब वह अपने पैतृक गाँव जाता है।


मुंजा मूवी की कहानी क्या है?


कहानी की शुरुआत होती है 1952 कोकण के चैतुकवाड़ी नामक गांव से, जहां मुंज्या नामक दस साल का लड़का अपने से बड़ी उम्र की लड़की मुन्नी के प्यार में पागल है। वह मुन्नी को अपना बनाने के लिए अपनी बहन की नरबलि देकर काला जादू करने की हद तक चला जाता है, मगर वहां कुछ ऐसी अनहोनी होती है कि मुंज्या की मौत हो जाती है।

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       मुंज्या की असली कहानी क्या है?


दरअसल मुंज्या एक मतलब कोंकण क्षेत्र में प्रचलित एक जनऊ रश्म से है। इसमें 5-7 साल के बच्चे का मुंडन किया जाता है और फिर उसको जनऊ पहनाया जाता है। गौर करने वाली बात ये है अगर 10 दिन भीतर उस बच्चे की मृत्यु हो जाती है, तो वह ब्रह्म राक्षस बन जाता है और अपनी अधूरी इच्छा को पूरा करने के लिए वह भटकता रहता है।


        मुंज्या के अंत में क्या होता है?


मुंज्या, जो अब बालू काका के शरीर में है, बेला को ले जाता है और उसकी बलि देने की कोशिश करता है, लेकिन गीता की आत्मा द्वारा निर्देशित बिट्टू, मुंज्या को पेड़ में स्थानांतरित करके उसे हरा देता है, जिसे वे जला देते हैं ।

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